Group में जुड़ें
🌎 ब्रेकिंग
🔴 रायपुर में सूदखोरी के बड़े नेटवर्क का जल्द होगा खुलासा! 🔴 गरियाबंद नगर पालिका में ‘अपनों’ के खिलाफ भाजपा पार्षद का बिगुल 🔴 रायपुरवासियों के लिए इस बार गरबा होगा खास! बंपर इनाम और छत्तीसगढ़ी संस्कृति का देखने मिलेगा संगम 🔴 कोपरा के तीन प्रमुख देवी मंदिरों में प्रज्वलित हुईं 435 मनोकामना ज्योतियां, माता के जयकारों से गूंज रहे मंदिर 🔴 जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने घोषित किए चुनाव प्रभारी और सहप्रभारी, दुर्ग में नई टीम तैयार 🔴 पेपर लीक के बाद अब रिजल्ट पर घिरा IGKV, छात्रों ने 5 मांगों को लेकर खोला मोर्चा 🔴 रायपुर में आठवीं की छात्रा की मौत से सनसनी, स्कूल प्रबंधन पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप 🔴 रायपुर में CM हाउस के गेट पर हंगामा! पुलिस से भिड़ा युवक, हिरासत में लेकर पूछताछ जारी 🔴 डुंडा में सालों से जमे पटवारी पर सवाल, कथित अवैध प्लॉटिंग का खामियाजा भुगत रही जनता 🔴 गार्ड को बंधक बनाकर प्लेस ऑफ सेफ्टी से 6 अपचारी बालक फरार
अभनपुर में उद्यानिकी विभाग का खेल! अपात्र को अनुदान, पात्र किसान वंचित, वानिकी उद्यानिकी अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप
राजनीति

अभनपुर में उद्यानिकी विभाग का खेल! अपात्र को अनुदान, पात्र किसान वंचित, वानिकी उद्यानिकी अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप

05 Jan 2026 412 Views Public Swar
Top Advertisement
Advertisement

पब्लिक स्वर,अभनपुर/रायपुर| रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड में उद्यानिकी विभाग के कार्यों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।वानिकी उद्यानिकी अधिकारी परमजीत सिंह गुरुदत्ता एवं कैलाश पैकरा (उप संचालक उद्यान, जिला-भयपुर) पर वर्ष 2024-25 में रोजगार गारंटी योजना एवं अन्य उद्यानिकी योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं।

आरोप है कि सामुदायिक फेसिंग योजना के अंतर्गत ग्राम गुमा, तहसील आरंग, जिला रायपुर निवासी कृषक भूपेन्द्र कुमार साहू को नियमों को ताक पर रखकर अनुदान प्रदान किया गया। जबकि योजना के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार अनुदान की अधिकतम पात्रता 2.00 हेक्टेयर तक ही है, वहीं संबंधित कृषक का रकबा 2.050 हेक्टेयर बताया जा रहा है, जो निर्धारित सीमा से अधिक है। इसके बावजूद अनुदान स्वीकृत किया जाना कई सवालों को जन्म देता है।

सूत्रों के अनुसार यह कोई एक मामला नहीं है। आरोप है कि वर्ष 2024-25 में उद्यानिकी विभाग की कई योजनाओं में नियमों की अनदेखी, अपात्र लाभार्थियों को फायदा पहुंचाने और कागजी खानापूर्ति के जरिए शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है।

गौरतलब है कि उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी के अधिकारी परमजीत परमजीत सिंह गुरुदत्ता धरसिंवा में रहते गड़बड़ी के आरोप में जेल की सजा काट के आए मामला लंबित भी है बावजूद इसके अभनपुर में उन्हें अधिकारी बना कर नवाज़ा गया है।

सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या यह सब अधिकारियों की जानकारी और संरक्षण में हुआ, या फिर जानबूझकर नियमों को तोड़ा गया? यदि नियम सबके लिए समान हैं, तो फिर अपात्र को लाभ कैसे मिला?

पब्लिक स्वर की टीम के पास इसके साथ साथ माली प्रशिक्षण और पौधा उत्पादन में भी बड़ी गड़बड़ी से जुड़े कई दस्तावेज और तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है, जिनका खुलासा जल्द किया जाएगा। 


क्या शासन इस मामले में संज्ञान लेता है?

क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर जांच बैठाई जाएगी?

या फिर हमेशा की तरह यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?

पब्लिक स्वर इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

जांच जारी है… अगली कड़ी में और बड़े खुलासे संभव।


Advertisement
Advertisement

छत्तीसगढ़ जिला