पब्लिक स्वर,जशपुर। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए जशपुर जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में विकासखंड बगीचा में बिना लाइसेंस एवं बिना पीओएस मशीन के उर्वरक बेचने के दो मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 79 बोरी उर्वरक जब्त कर उनके विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लालसाय केरकेट्टा, कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक श्रीमती क्रुसलीना मिंज तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की टीम ने बगीचा क्षेत्र में उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ग्राम सुलेसा में मनोज जायसवाल द्वारा बिना वैध लाइसेंस के उर्वरक बेचने का मामला सामने आया। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए 35 बोरी डीएपी, 10 बोरी सुपर फॉस्फेट और 7 बोरी यूरिया सहित कुल 52 बोरी उर्वरक जब्त कर उनके विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
वहीं, सन्ना स्थित किसान कृषि केंद्र में बिना पीओएस मशीन के उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर 27 बोरी डीएपी भी जब्त कर उसकी बिक्री रोक दी गई।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने सहित नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में जिला स्तरीय निगरानी दल द्वारा उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। कालाबाजारी, जमाखोरी, नकली उर्वरकों की बिक्री या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचने वालों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश एवं प्रचलित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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