पब्लिक स्वर,अभनपुर/रायपुर। अभनपुर के प्रतिष्ठित सोनी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल से जुड़े डॉक्टर परिवार में नाबालिग बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब पुलिस कार्रवाई के आरोपों तक पहुंच गया है। हॉस्पिटल के डॉ. प्रज्ज्वल सोनी ने अभनपुर पुलिस पर घर और अस्पताल पहुंचकर उन्हें परेशान करने, निजता भंग करने तथा बिना सर्च वारंट घर की तलाशी लेने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि वह न्यायालय के आदेश के तहत बच्चे की कस्टडी उसकी मां को दिलाने की कार्रवाई कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, डॉ. प्रज्ज्वल सोनी और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के बीच पिछले कुछ वर्षों से पारिवारिक विवाद चल रहा है। विवाद का प्रमुख मुद्दा उनके नाबालिग बच्चे की कस्टडी है। डॉ. सोनी के अनुसार, न्यायालय ने बच्चे की कस्टडी उसकी मां को सौंपने का आदेश दिया है। उनका दावा है कि उन्होंने न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए कई बार अदालत में उपस्थित होकर बच्चे को सौंपने की प्रक्रिया में सहयोग किया, लेकिन बच्चा अपने पिता से अलग होकर मां के साथ जाने को तैयार नहीं है।
डॉ. सोनी का आरोप है कि बच्चे की कस्टडी को लेकर उनकी पत्नी पुलिस के साथ उनके घर और अस्पताल पहुंचती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में वे और उनके पिता मामले की सुनवाई के सिलसिले में न्यायालय गए हुए थे। इसी दौरान अभनपुर पुलिस का एक दल उनके घर पहुंचा और उनकी गैरमौजूदगी में बिना अनुमति के घर में प्रवेश कर तलाशी ली। डॉक्टर के मुताबिक, इस कार्रवाई का वीडियो अस्पताल के स्टाफ द्वारा भी बनाया गया है।
डॉक्टर ने उठाए कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल
डॉ. प्रज्ज्वल सोनी ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घर की तलाशी के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं, यह जांच का विषय है। उन्होंने पुलिस पर परिवार को मानसिक रूप से परेशान करने और निजी जीवन में हस्तक्षेप करने का आरोप भी लगाया है।
पुलिस ने कहा- न्यायालय के आदेश के तहत हुई कार्रवाई
मामले में रायपुर ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने पुलिस का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि बच्चे की कस्टडी उसकी मां को दिलाने के संबंध में न्यायालय का आदेश है। पुलिस उसी न्यायालयीन आदेश के पालन के लिए कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य किसी पक्ष को परेशान करना नहीं, बल्कि न्यायालय के निर्देश का पालन कराना है।
अब प्रक्रिया और अधिकारों को लेकर उठे सवाल
फिलहाल इस मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। डॉ. सोनी जहां पुलिस की कार्रवाई की वैधानिक प्रक्रिया, निजता और घर में प्रवेश को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं पुलिस इसे न्यायालय के आदेश के अनुपालन की कार्रवाई बता रही है। ऐसे में पूरे मामले में न्यायालय के मूल आदेश, उसकी शर्तों और पुलिस द्वारा अपनाई गई कार्रवाई की प्रक्रिया अहम हो जाती है।
नाबालिग बच्चे की कस्टडी से जुड़ा मामला होने के कारण घटनाक्रम संवेदनशील भी है। फिलहाल बच्चे की कस्टडी को लेकर पारिवारिक विवाद के साथ-साथ पुलिस की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में आ गई है।

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