पब्लिक स्वर,बिलासपुर। शासन के सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान शनिवार को उस समय विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, जब ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा-सिरगिट्टी के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और शिकायतों से संबंधित ज्ञापन लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। शिकायतों और स्थानीय मुद्दों को लेकर हुई बहस के बाद पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों को कार्यक्रम परिसर से बाहर कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लक्ष्मीनाथ साहू ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, कथित अवैध गतिविधियों, जुआ-सट्टा और अन्य जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रयास किया। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिससे कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बताया जा रहा है कि विधायक धरमलाल कौशिक के कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पहले ही शिकायतों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा चुका था। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उनके द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों को दबाने की कोशिश की गई और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।
धक्का-मुक्की का आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर निकालते समय धक्का-मुक्की की, जिसके कारण लक्ष्मीनाथ साहू गिर पड़े। उन्होंने दोबारा अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें और उनके समर्थकों को परिसर से बाहर कर दिया। हालांकि इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अधिकारियों की अनुपस्थिति से ग्रामीण नाराज
सुशासन तिहार में बड़ी संख्या में ग्रामीण भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी समेत संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हो सका। कई लोग अपनी समस्याओं का निराकरण नहीं होने से निराश होकर वापस लौट गए।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के महेश ठाकुर, अजय मनहरे, पुष्पेंद्र साहू, पवन साहू, संजीव पाल, वेद रात्रे, रामू राव, सचिन भवानी, अक्षय नवरंग, बंटी सोनी, नागेश ध्रुव और लक्ष्मण ध्रुव समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस घटनाक्रम के बाद सुशासन तिहार कार्यक्रम राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है। कांग्रेस ने मामले को जनहित के मुद्दों को उठाने से रोकने का प्रयास बताया है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

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