पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते POCSO एक्ट के एक गंभीर मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास के साथ 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार, थाना सिटी कोतवाली धमतरी में दर्ज अपराध क्रमांक 311/2025 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2), 351(2) तथा POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी सुनील उर्फ चोवाराम उर्फ सुमीत डहरे (37 वर्ष), निवासी दानीटोला, धमतरी को न्यायालय ने दोषसिद्ध पाते हुए यह सजा सुनाई।
प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी ने की थी। उन्होंने साक्ष्यों का प्रभावी संकलन, आवश्यक वैधानिक कार्रवाई और सुदृढ़ विवेचना कर मामले को न्यायालय में मजबूती से प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर सजा मिली।
धमतरी पुलिस ने बताया कि बाल अपराधों के प्रति जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। ऐसे मामलों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने इस प्रकरण में उत्कृष्ट विवेचना और सराहनीय कार्य के लिए उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी को सेवा पुस्तिका में पुरस्कार देने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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