पब्लिक स्वर,सरगुजा। छत्तीसगढ़ सरकार की "सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा" में शामिल होने गए सरगुजा जिले के एक श्रद्धालु के रहस्यमयी ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। यात्रा के दौरान लापता हुए श्रद्धालु का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार गहरे संकट में है। अपने परिजन की तलाश में परिवार अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च कर चुका है और 65 हजार रुपये में जमीन तक गिरवी रखनी पड़ गई। मामले को लेकर परिजनों ने प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से हस्तक्षेप की मांग की है, वहीं शुक्रवार को सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई।
जानकारी के अनुसार, उदयपुर विकासखंड के ग्राम पलका निवासी पूरन राम पोर्ते (48 वर्ष) 22 जून को छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में शामिल होने 87 श्रद्धालुओं के दल के साथ ट्रेन से रवाना हुए थे। वापसी के दौरान 26 जून को महाराष्ट्र के जलगांव रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान वह अचानक लापता हो गए। बताया जा रहा है कि स्टेशन पर उतरने के बाद वह दोबारा ट्रेन में नहीं लौटे।
यात्रा दल के सदस्यों ने जलगांव रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद रेलवे पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। काफी इंतजार के बावजूद जब पूरन राम पोर्ते नहीं मिले, तो अन्य श्रद्धालु वापस छत्तीसगढ़ लौट आए और घटना की जानकारी उनके परिवार को दी गई।
पति की तलाश में खत्म हुई जमा पूंजी, जमीन भी रखनी पड़ी गिरवी
पूरन राम पोर्ते की पत्नी गंगामती पोर्ते ने बताया कि पति की तलाश में परिवार कई बार महाराष्ट्र पहुंच चुका है। इस दौरान उन्होंने अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च कर दी और 65 हजार रुपये में जमीन भी गिरवी रखनी पड़ी। अब तक खोजबीन में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
सरकारी यात्रा में लापता होने पर उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि यह यात्रा शासन के संरक्षण में आयोजित की गई थी। ऐसे में यात्रा के दौरान एक श्रद्धालु का इस तरह लापता हो जाना गंभीर मामला है। उनका कहना है कि सरकार को इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाते हुए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर खोज अभियान तेज करना चाहिए।
मंत्री और कलेक्टर से लगाई गुहार
परिवार ने प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। वहीं शुक्रवार को अंबिकापुर पहुंचकर सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और पूरन राम पोर्ते की जल्द से जल्द तलाश सुनिश्चित करने की मांग की।
रेलवे पुलिस कर रही जांच
इधर, महाराष्ट्र की भुसावल रेलवे पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जलगांव रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है तथा अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। हालांकि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
बेटी बोली- पिता को सकुशल वापस लाया जाए
पूरन राम पोर्ते की बड़ी बेटी ने कहा कि उनके पिता सरकार द्वारा आयोजित यात्रा में गए थे, लेकिन अब तक घर नहीं लौटे हैं। परिवार लगातार प्रशासन और सरकार से उन्हें सकुशल खोजकर वापस लाने की अपील कर रहा है। बेटी ने बताया कि मंत्री राजेश अग्रवाल से भी मुलाकात हुई थी, जहां उन्हें आश्वासन दिया गया कि पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। फिलहाल परिवार को उम्मीद है कि पूरन राम पोर्ते सकुशल मिल जाएंगे, लेकिन हर गुजरते दिन के साथ उनकी चिंता और आर्थिक संकट दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

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