पब्लिक स्वर,नवापारा/रायपुर। नवापारा क्षेत्र में संचालित गिट्टी खदानों पर खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध उत्खनन और बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन के मामले में जांच शुरू की है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद विभाग ने यह कदम उठाया है, जिससे क्षेत्र में अवैध खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की तीन गिट्टी खदानों से लंबे समय से बड़े पैमाने पर गिट्टी का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था, लेकिन इसके लिए निर्धारित रॉयल्टी का भुगतान नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि बिना रॉयल्टी करोड़ों रुपये मूल्य की गिट्टी का उठाव कर शासन को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।
शिकायतों के आधार पर खनिज विभाग रायपुर ने मामले की जांच शुरू की। खनिज अधिकारी राजेश मालवीय के निर्देश पर विभागीय टीम ने संबंधित खदानों का निरीक्षण कर दस्तावेजों, परिवहन रिकॉर्ड और उत्खनन से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल की। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि खदानों से निकाली गई खनिज सामग्री की वास्तविक मात्रा और जमा कराई गई रॉयल्टी के बीच कितना अंतर है।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई बिंदुओं पर अनियमितताओं की आशंका सामने आई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित खदान संचालकों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत राजस्व की वसूली, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन और बिना रॉयल्टी परिवहन की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं। विभाग की कार्रवाई से अब उम्मीद जगी है कि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर रोक लगेगी और शासन को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाएगी। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पब्लिक स्वर की पड़ताल में भी इस पूरे मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहे हैं। खदान संचालन, रॉयल्टी भुगतान, खनिज परिवहन और राजस्व नुकसान से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। इस मामले में पब्लिक स्वर जल्द ही एक बड़ा खुलासा करने जा रहा है, जिसमें अवैध खनन और कथित अनियमितताओं से जुड़े कई अहम पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।।

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