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हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, खड़गे पर टिप्पणी को बताया अपमानजनक
राजनीति

हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, खड़गे पर टिप्पणी को बताया अपमानजनक

08 Apr 2026 361 Views Public Swar
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पब्लिक स्वर,रायपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक बयान के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। यह विरोध कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर की गई टिप्पणी को लेकर किया गया, जिसे कांग्रेस नेताओं ने अपमानजनक और अमर्यादित बताया है।

रायपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर वरिष्ठ नेताओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने कहा कि सभ्य समाज इस प्रकार की भाषा को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ नेता हैं, उम्र में बड़े हैं और अनुसूचित जाति समाज से आते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है।

कुमार मेनन ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान देकर जनता को असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, जब सरकारों के सामने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्या और आर्थिक चुनौतियां जैसे मुद्दे मौजूद हैं, तब विपक्षी नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना राजनीतिक विमर्श को कमजोर करता है।

छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने भी इस बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव और घबराहट में दलित नेता का अपमान किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल विरोध स्वरूप पुतला दहन किया गया है, लेकिन यदि भविष्य में भी इस तरह की बयानबाजी जारी रही तो कांग्रेस और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

क्या था हिमंत बिस्वा सरमा का बयान

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में टीओक में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेताओं को सच की रत्ती भर भी जानकारी नहीं है। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर कहा कि जिस तरह की बातें वे कर रहे हैं, उससे लगता है कि “बुढ़ापा उन पर हावी हो गया है” और वे “पगला गए हैं”।

सरमा ने यह टिप्पणी उस समय की, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनके परिवार की नागरिकता और पासपोर्ट से जुड़े मामलों में उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। खड़गे ने आरोप लगाया था कि सरमा के परिवार से जुड़े कुछ मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी के जवाब में असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर पलटवार किया।

बयानबाजी से गरमाई राजनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद भी देश में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। खासकर भाजपा और कांग्रेस के बीच व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति अक्सर सुर्खियों में रहती है। हालांकि वरिष्ठ नेताओं पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणियां कई बार राजनीतिक विवाद को और बढ़ा देती हैं।

रायपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में यदि इस पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और बढ़ती है, तो यह विवाद और गहरा सकता है।

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