पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी में कांग्रेस ने जमीन और मकान की रजिस्ट्री शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।
कैसे हुआ प्रदर्शन?
कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से रैली निकालकर कचहरी चौक पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में पुलिस पहले से मौजूद थी। पुतला दहन रोकने की कोशिश में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। इसके बावजूद कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
विधायक ओंकार साहू का बयान
विधायक ओंकार साहू ने कहा कि रजिस्ट्री शुल्क बढ़ोतरी की नई गाइडलाइन आम जनता के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि कैबिनेट में इस पर पुनर्विचार किया जाए और गाइडलाइन वापस ली जाए। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जाएगा, क्योंकि इससे जमीन खरीदने और बेचने वाले दोनों प्रभावित होंगे।
ओंकार साहू का कहना है कि पूरे राज्य में जमीन पंजीयन को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। नई गाइडलाइन में दरों में भारी बढ़ोतरी और अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं, जिससे आम लोगों को नुकसान हो रहा है।
क्यों हो रहा विरोध?
पुरानी व्यवस्था में जमीन के बाजार मूल्य से 30% कम करके मूल्य तय किया जाता था। उदाहरण के तौर पर, यदि जमीन का बाजार मूल्य 10 लाख हो, तो रजिस्ट्री के लिए उसका मूल्य 7 लाख माना जाता था। इसी आधार पर 4% (जमीन) और 2% (75 लाख तक के मकान) पंजीयन शुल्क लगता था।
नई व्यवस्था में सरकार ने 30% की यह छूट खत्म कर दी है। अब जमीन और मकान का पूरा 100% मूल्य ही रजिस्ट्री के लिए माना जाएगा, जबकि पंजीयन शुल्क वही पुराना रखा गया है। कांग्रेस का कहना है कि इससे रजिस्ट्री महंगी हो गई है और आम लोगों पर सीधा आर्थिक असर पड़ेगा।

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