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मोदी कैबिनेट की मंजूरी से बदलेगा छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क, बिलासपुर-कटनी होगा 4-ट्रैक
राजनीति

मोदी कैबिनेट की मंजूरी से बदलेगा छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क, बिलासपुर-कटनी होगा 4-ट्रैक

09 Sep 2026 355 Views Public Swar
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पब्लिक स्वर,नई दिल्ली/बिलासपुर। मोदी कैबिनेट में एक बड़ा फैसला लिया गया है. अब ट्रेनों की संख्‍या और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने 4 लेन रूट बिछाने की मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने इसके तहत 7 नए प्रोजक्‍ट को मंजूरी दी है. यह सात प्रोजेक्‍ट्स अलग-अलग रूटों पर काम करेंगे यानी कि सात रूटों को 4-लेन करने का काम किया जाएगा. दिल्‍ली-मुंबई को भी फोर लेन करने की भी मंजूरी दी गई है. रेलवे का कहना है कि इन रूटों पर ज्‍यादा भीड़ होने के कारण इन्‍हें फोर-लेन किया जा रहा है. इससे यात्रियों का आवागमन तो बेहतर होगा ही. साथ ही कनेक्टिविटी ज्‍यादा फास्‍ट होगी. 4 लेन होने से ट्रेनों के लेट होने की संभावना कम हो जाएगी. साथ पहले से ज्‍यादा ट्रेनें चलाई जा सकती है. त्‍योहारों में घर जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक बड़ी राहत होगी.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अगर हम सबसे अहम रेलवे कॉरिडोर पर नजर डालें तो यह 11,000 किलोमीटर लंबे, 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर हैं. इन हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को 4-लेन का बनाया जा रहा है और कई दूसरे कॉरिडोर पर भी काम चल रहा है. ये आने वाले समय में बहुत ज्‍यादा ट्रैफिक संभालेंगे. दिल्ली से मुंबई, मुंबई से चेन्नई, चेन्नई से कोलकाता और कोलकाता से मुंबई - यह "गोल्डन क्वाड्रिलैटरल" है. ये 7 कॉरिडोर रेलवे के कुल ट्रैफिक का लगभग 40% हिस्सा संभालते हैं. इन कॉरिडोर में से लगभग 2,000 किलोमीटर पहले ही 4-लेन का हो चुका है. लगभग 5,000 किलोमीटर पर काम चल रहा है या उसे मंजूरी मिल चुकी है और बाकी 4,000 किलोमीटर के लिए अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है.

4 लेन प्रोजेकट के अलावा, कैबिनेट ने 5 राज्यों के 14 ज़िलों में फैले 3 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी है. इस प्रोजेकट से भारतीय रेलवे में लगभग 656 km नेटवर्क फैलेगा. इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत ₹10,783 करोड़ है और इन्हें 2029–30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा‍ कि केंद्रीय कैबिनेट ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों के 17 जिलों में 5 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है. इन प्रोजेक्ट्स से भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 540 किलोमीटर बढ़ जाएगा. इन प्रोजेक्ट्स की कुल अनुमानित लागत 10,021 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है.

बिलासपुर से पेंड्रा और पेंड्रा से आगे कटनी की ओर कुछ जगहों पर पहले से ही तीन लाइनें बनी हुई हैं. जबकि कुछ जगहों पर दोहरी लाइनें हैंष. इसी वजह से बिलासपुर से कटनी तक के पूरे सेक्शन को चार-लेन वाला बनाया जा रहा है. इन प्रोजेक्ट्स के जरिए 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में भारतीय रेलवे का नेटवर्क लगभग 656 किलोमीटर बढ़ जाएगा. इस प्रोजेक्ट्स से तारातारिणी मंदिर, झारसुगुड़ा का जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, विराटेश्वर मंदिर, अमरकंटक, ज्वालेश्वर धाम, अचनकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध और रतनपुर महामाया मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा आसान होगी।

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