पब्लिक स्वर,जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला जेल के भीतर एक विचाराधीन कैदी का शव बाथरूम में फांसी के फंदे से लटका मिलने के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक को दुष्कर्म और अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर एक दिन पहले ही जेल भेजा गया था। फिलहाल पुलिस, फॉरेंसिक टीम और साइबर सेल मामले की जांच में जुटी हुई है।
सुबह सफाई के दौरान हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, घटना का पता उस समय चला जब मंगलवार सुबह सफाईकर्मी नियमित सफाई के लिए जेल परिसर के बाथरूम पहुंचे। बाथरूम के भीतर एक कैदी का शव फंदे से लटका देख तत्काल जेल प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों और कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच के दौरान शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की गई।
एक दिन पहले ही हुआ था जेल दाखिला
मृतक की पहचान दुवास राम केंवट (21 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जवाली गांव का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, उसे 8 जून को बलौदा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने, अपहरण और अनाचार से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जांजगीर जिला जेल भेजा गया था।
कपड़ों से बनाया फंदा
जांच में सामने आया है कि कैदी का शव बाथरूम की खिड़की से उसके ही कपड़ों से बनाए गए फंदे के सहारे लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को भी दी गई। परिजनों की मौजूदगी में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच शुरू की
जांजगीर सीएसपी योगिता खापर्डे ने बताया कि दुवास राम केंवट को नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस के अनुसार, जेल के भीतर हुई इस मौत के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक और साइबर सेल की टीम भी साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
जेल सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना ने जिला जेल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक विचाराधीन कैदी, जिसे जेल में दाखिल हुए महज एक दिन हुआ था, उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मौत से पहले कैदी की गतिविधियां क्या थीं, वह किन परिस्थितियों में बाथरूम तक पहुंचा और घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति क्या थी। फिलहाल मामले की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है। आत्महत्या और हत्या, दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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