पब्लिक स्वर,अभनपुर। ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर्स एसोसिएशन (AIECA) की ब्लॉक इकाई अभनपुर ने बिजली बिल में बढ़ोतरी, हाफ बिजली योजना को बंद करने और प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के खिलाफ मुखर विरोध दर्ज किया है। इस संबंध में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम/तहसीलदार अभनपुर के माध्यम से सौंपा।
एसोसिएशन ने कहा कि बिजली आज लोगों की आजीविका का मूलभूत आधार है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लगातार निजीकरण और स्मार्ट मीटर परियोजना लागू कर इसे कॉर्पोरेट मुनाफे का जरिया बनाया जा रहा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि बिजली संशोधन विधेयक 2022 और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया से गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं पर भारी बोझ बढ़ेगा।
ज्ञापन में कहा गया है कि पहले ही महंगाई चरम पर है, ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बिजली हाफ योजना को सीमित कर केवल 100 यूनिट तक ही छूट देना राज्य के 20 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित होगा। पहले जहां 400 यूनिट तक 50% छूट मिलती थी, अब यह लाभ बेहद सीमित उपभोक्ताओं को ही मिल रहा है।
एसोसिएशन ने स्मार्ट मीटर परियोजना को “जनविरोधी और कॉर्पोरेटपरस्त” बताते हुए कहा कि इससे हजारों बिजली कर्मचारी व दो लाख मीटर रीडर बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही, उपभोक्ताओं पर प्रीपेड व्यवस्था थोप दी जाएगी, जिसके चलते गरीब परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर होंगे।
मांगें रखी गईं :
1. 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना पुनः लागू की जाए।
2. प्रीपेड स्मार्ट मीटर परियोजना तुरंत रद्द की जाए।
3. बिजली संशोधन विधेयक 2022 वापस लिया जाए।
4. बिजली का निजीकरण रोका जाए और इसे जनोपयोगी सेवा के दायरे में रखा जाए।
5. बिजली दरों में हो रही लगातार बढ़ोतरी पर रोक लगाई जाए।
6. टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ सिस्टम को समाप्त किया जाए।
एसोसिएशन के प्रतिनिधि ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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