राजनीति
पिकनिक स्पॉट में बैंककर्मी युवती और दोस्त से लूट, नाबालिग समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र स्थित कोरी डैम के पास पिकनिक मनाने पहुंचे बैंककर्मी युवती और उसके दोस्त के साथ मारपीट कर लूटपाट करने का मामला सामने आया है। जंगल में छिपकर बैठे स्कूटी सवार तीन युवकों ने रास्ता रोककर युवक से मारपीट की और मोबाइल, बैग व अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। मामले में कोटा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी जब्त की गई है।
जानकारी के मुताबिक, शहर की रहने वाली 23 वर्षीय बैंककर्मी 23 सितंबर को अपने साथियों के साथ बैंक के काम से कोटा आई थी। काम पूरा होने के बाद सभी लोग घूमने के लिए कोरी डैम पहुंचे थे। इसी दौरान जंगल के पास स्कूटी सवार तीन अज्ञात युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने युवती के दोस्त के साथ मारपीट की और उसका बैग व मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद बैंककर्मी युवती की शिकायत पर कोटा थाने में अपराध दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर एसीसीयू और कोटा पुलिस की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नाका चौक के पास तीन युवक स्कूटी पर घूम रहे हैं और लूटा हुआ मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान कोटा के कुंवारीमुड़ा निवासी गुरजीत सिंह उर्फ बंटी (29) पिता परविंदर सिंह, रतनपुर क्षेत्र के घासीपुर निवासी रामजी यादव (38) पिता मनहरण लाल यादव और एक नाबालिग के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कोरी डैम के पास लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल स्कूटी जब्त की है। मामले में दोनों बालिग आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद कोरी डैम समेत जिले के पर्यटन और पिकनिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जंगल और सुनसान इलाकों में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी पर्यटकों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकती है।