पब्लिक स्वर,सारंगढ़-बिलाईगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गुडेली क्षेत्र स्थित डीसी पेट्रोल पंप में पेट्रोल भरवाने को लेकर उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब एक ग्राहक ने अपनी कार की फ्यूल टैंक क्षमता से अधिक पेट्रोल मशीन में दर्ज होने का आरोप लगाया। मामला बढ़ने के बाद डायल 112 को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के मुताबिक, बंजारी निवासी अनुपम खूंटे अपनी Mahindra XUV 3XO से गुडेली स्थित डीसी पेट्रोल पंप पहुंचे थे। पेट्रोल भरवाने के बाद मशीन की रीडिंग और बिल में दर्ज मात्रा को देखकर उन्होंने पंप कर्मचारियों से सवाल किया।
अनुपम खूंटे के मुताबिक, उनकी Mahindra XUV 3XO की फ्यूल टैंक क्षमता करीब 42 लीटर है। इसके बावजूद पेट्रोल पंप की मशीन में 48 लीटर से अधिक पेट्रोल डाले जाने की रीडिंग दिखाई गई। बिल में दर्ज मात्रा भी वाहन की बताई गई टैंक क्षमता से करीब 7 लीटर अधिक थी।
मशीन की रीडिंग और वाहन की टैंक क्षमता में अंतर देखकर ग्राहक ने पंप कर्मचारियों से जानकारी मांगी और आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर पेट्रोल पंप परिसर में काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
विवाद की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम पेट्रोल पंप पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद ग्राहक और पेट्रोल पंप प्रबंधन, दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। पुलिस शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
वहीं, पेट्रोल पंप प्रबंधन ने मशीन में किसी तरह की गड़बड़ी होने से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना है कि पंप पर लगी मशीनें निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रही हैं। ऐसे में मशीन की रीडिंग में अंतर किस वजह से आया, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मामले में अनुपम खूंटे ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पेट्रोल पंप की मशीन की तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वाहन की टैंक क्षमता और मशीन में दर्ज पेट्रोल की मात्रा में इतना अंतर कैसे आया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पेट्रोल पंप की मशीनों की तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है। लोगों ने नापतौल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल जिले में नापतौल विभाग के अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब पुलिस जांच और मशीन के तकनीकी परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मशीन में 48 लीटर से अधिक पेट्रोल की रीडिंग दर्ज होने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

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